Wednesday, 4 July 2012

masih ki mahima

मसीह येशु के नाम पे...................आमीन

इन्सान जिंदगी भर दुनिया के ढकोसलों में पड़ा रहता है, सब जतन के बाद भी हमें  कुछ भी हाशिल होते दिखाई नहीं देता, ऐसे में इंसान का आत्म विश्वाश डगमगाने लगता हब चारो ओर अँधेरा ही अँधेरा नज़र आता है।

मसीह येशु के नाम पे...................आमीन 
आखीर राज क्या है इन पंक्तियों का
यह जीवन देने वाली पंक्तियाँ है .
मैं जीवन में बहुत भटका , सभी ,पंडितों पुजारियों , मौलवियों के पास जा जाकर मई थक चूका था.
तब मुझे प्रभु येशु मसीह का प्रेम स्पर्श प्राप्त हुआ, और यकीं जानिए जिस दिन से मैंने चंगे ली एक अजीब सी चैतन्यता मुझमे समा  गई  थी, एक अजीब सा उजाला मैंने महसूस किया.

मेरे बड़े भाई साहब पर काफी सारा कर्ज था,, जिसकी वजह से वो काफी दबाव में थे,
परन्तु उन्होंने मसीह येशु के नाम का सहारा लिया और मैं यह तो नहीं  कहूँगा की  उनका सारा कर्ज उतर गया पर हाँ इतना जरूर हुआ की उन्होंने जीवन को नए तरीके से जीना शुरू किया, और प्रभु येशु मसीह ने उन्हें कदम कदम पर नए रस्ते दिखाए जिसके दम पर उन्होंने अपना कार्य करना प्रारंभ किया।. उनकी गवाही में तोह कहे तोह प्रभु येशु उनको हर विश पर साथ देते हैं।

आप भी प्रभु येशु मसीह के जीवन चरित्र को जाने, समझने का प्रयाश करे क्योंकि इसमें हमारी श्रद्धा है।
शुरुआत में शायद यह कुछ अटपटा सा लगे पर बाद में जो रौशनी प्रभु येशु मसीह देते हैं जिसके आगे सारी दुविधा ख़त्म हो जाती है।

प्रभु एशु आपको नयी रौशनी ,दे..................................... आमीन।